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हिन्दू नेताओं की जमानत ना होने पर भड़के हिन्दू संगठना किया यह बड़ा ऐलान




करीब दो साल पहले 13 अप्रैल 2018 को फगवाड़ा के गोल चौंक में हुए विवाद का मुद्दा एक बार फिर से भड़कने वाला है क्योंकि लंबे समय से शांतमय ढंग से बैठा जनरल समाज़ और फगवाड़ा शहर के समूह हिन्दू संगठन एक बार फिर से भड़क गए है और 18 तारीख से अपने प्रर्दशन की शुरूआत करने वाले है।

गौर हो कि वर्ष 2018 में फगवाड़ा के गोल चौंक का नाम बदलने को लेकर दलित समाज़ और जनरल समाज़ आमने सामने हो गया था, जिस प्रकरण में दलित समाज़ के एक युवक की बौबी की मौत हो गई थी, जिसके बाद फगवाड़ा में काफी दिन माहौल भी तनावपूर्ण रहा था अौर पुलिस ने अगले ही दिन शिव सेना और हिन्दू संगठनों के चार नेताओं को गिरफ्तार कर ज़ेल भेज़ दिया था।

लेकिन करीब दो साल बीतने को हो गए लेकिन ना तो उक्त नेताओं पर आरोप सिद्व हो पाए अौर ना ही जमानत हो पाई जिसके चलते शहर के समूह हिन्दू नेताओं और जनरल समाज़ के कुछेक नेताओं की एक बैठक आज़ हनुमानगढ़ी मंदिर में की गई जिस दौरान

बैठक को संबोधित करते हुए अवतार सिंह मंड ने को बताया कि जेल में बंद दीपक भारद्वाज, इन्द्रजीत करवल, राजू चहल तथा शिवी बत्ता के खिलाफ पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है। पुलिस जानबूझ कर अदालत में चालान भी पेश नहीं कर रही। जांच के नाम पर अब तक मामले को लटका कर रखा गया है। उक्त नेताओं के परिवार जब भी अदालत में जमानत याचिका लगाते हैं तो पुलिस रिहाई का विरोध करती है। जिला पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने कोर्ट में शपथपत्र दिया है कि उक्त चारों लोगों की अपराधिक पृष्ठभूमि रही है व कई केस पैंडिंग हैं जबकि पुलिस ने जिन मामलों का जिक्र किया है उनमें उक्त नेता बरी हो चुके हैं। सच तो यह है कि पंजाब की कैप्टन अमरेन्द्र सिंह सरकार राजनीतिक फायदे के लिये पुलिस को ढाल बना कर हिन्दू समाज के नेताओं की रिहाई में रोड़ा बन रही है। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष किसी जाति अथवा समुदाय को लेकर नहीं बल्कि सरकार से न्याय के लिये होगा।

इस दौरान राजेश पलटा, विपन शर्मा, योगेश प्रभाकर, हरिन्द्र सिंह खालसा, गुरदीप सैनी, तेजस्वी भारद्वाज, हरीश मिश्रा, अमित शुक्ला, बल्लु वालिया, शिव सैनी व कमल अरोड़ा आदि ने कहा कि जेल में बंद चारों बेकसूर हिन्दू नेताओं के परिवार जो भी निर्णय लेंगे वे डट के उनके साथ खड़े होंगे। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि 18 फरवरी दिन मंगलवार को प्रात: 10 बजे हिन्दू-सिख भाईचारा गांधी चौक में एकत्रित होगा। जहां से सभी दुकानदारों को निवेदन किया जाएगा कि वे न्याय के इस संघर्ष में उनका साथ देते हुए दोपहर 12 बजे तक कारोबार बंद रख कर आपसी एकजुटता का परिचय दें। जिसके बाद यह काफिला रोष मार्च करता हुआ एस.डी.एम. कार्यालय पहुंचेगा और पंजाब सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 24 फरवरी दिन सोमवार से चारों हिन्दू नेताओं के परिवार गांधी चौक में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरु करेंगे। यह क्रमवार भूख हड़ताल होगी लेकिन यदि फिर भी कैप्टन सरकार होश में न आई तो आंदोलन को प्रदेश स्तरीय रूप देते हुए पंजाब सरकार की की ईंट से ईंट बजाई जाएगी।

बैठक में संजू चहल, रजत भारद्वाज, डा. राकेश बत्ता, जिम्मी करवल, राजिन्द्र करवल, सुधीर शर्मा, मनु प्रभाकर, वरुण नांगला, शिव शर्मा, सनी बत्ता, दिनेश बांसल, बिन्नी कौड़ा, पुनीत मिश्रा, सोनू शर्मा, बिट्टू भंवरा सहित सैंकड़ों शहरवासी उपस्थित थे।